GST क्या है? जानिए इसके फायदे एवं नुकसान| What is GST?

GST का पूरा नाम Goods And Service Tax (GST) है. यह केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए गए 20 से अधिक अप्रत्यक्ष करों (Indirect Taxes) के एवज में लगाया जा रहा है. GST 1 जुलाई से पूरे देश में लागू किया जा रहा है| GST लगने के बाद कई Goods and Services पर लगने वाले Tax समाप्त हो जाएंगे.

विश्व के लगभग 160 देशों में जीएसटी की कराधान व्यवस्था लागू है. भारत में इसका विचार अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा साल 2000 में लाया गया.

GST के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु 

सारे Taxes हो जाएंगे ख़त्म-

GST लागू होने से Central Exercise Duty, Service Tax, Additional Custom Duty (CVD), Special Additional Duty Of Custom(SAD) VAT/Sales Tax, Central Sales Tax, Entertainment Tax, Entry and Octroi Tax, Purchase Tax, Luxury Tax ये सारे टैक्स पूरी तरह से ख़त्म हो जाएँगे|

किसी भी राज्य में एक सामान दाम-

GST लागू होने से सबसे बड़ा फायदा आम आदमी को होगा. पूरे देश में किसी भी सामान को खरीदने के लिए एक ही Tax चुकाना होगा. यानी पूरे देश में किसी भी सामान की कीमत एक ही रहेगी. जैसे कोई Car अगर आप दिल्ली में खरीदते हैं तो उसकी कीमत अलग होती है, वहीं किसी और राज्य में उसी कार को खरीदने के लिए अलग Cost देनी पड़ती है. इसके लागू होने से कोई भी सामान किसी भी राज्य में एक ही Rate पर मिलेगा.

काले धन पर होगा प्रहार-

GST लागू होने से हर प्रकार की खरीद फरोख्त इस कर व्यवस्था के तहत आ जाएगी, जिससे लोगों के लिए Tax की चोरी कर पाना आसान नहीं होगा. कहा जा रहा है कि जीएसटी काले धन से निपटने के लिए एक मजबूत हथियार साबित होगा.

कर विवाद मे होगी कमी –

इसके लागू होने से हमें कई बार टैक्स देने से छुटकारा मिल जाएगा. इससे Tax की की वसूली करते समय Tax Department के अधिकारियों द्वारा कर में हेराफेरी की संभावना भी कम हो जाएगी. एक ही व्यक्ति या संस्था पर कई बार टैक्स लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सिर्फ इसी टैक्स से सारे टैक्स वसूल कर लिए जाएंगे. इसके अलावा जहां कई राज्यों में राजस्व बढ़ेगा तो कई जगह कीमतों में कमी भी होगी.

देश की GDP पर होगा असर

सरकार के अनुसार, GST आज़ादी के बाद टैक्स सुधार का सबसे बड़ा कदम है. इससे GDP में वृद्धि और रोज़गारों का सृजन होगा. 13वें केंद्रीय वित्त आयोग के अनुसार जीएसटी से कर संकलन में हो रहे कई तरह के व्यर्थ के खर्चों को रोकने में भी इससे सहायता मिलेगी और इससे राज्यों की आर्थिक हालात में सुधार होगा.

कम होगी सामान की कीमत

इसके लागू होने से टैक्स का ढांचा Transparent होगा जिससे काफी हद तक टैक्स विवाद कम होंगे. इसके लागू होने के बाद राज्यों को मिलने वाला VAT, Entertainment Tax, Luxury Tax, Lottery Tax, Entry Tax आदि भी खत्म हो जाएंगे. फिलहाल जो सामान खरीदते समय लोगों को उस पर 30-35 प्रतिशत टैक्स के रूप में चुकाना पड़ता है वो भी घटकर 20-25 प्रतिशत पर आ जाने की संभावना है. इसके अलावा भारत की Growth Rate में भी 1-1.5% की बढ़ोतरी होगी.

जीएसटी लागू होने पर कंपनियों और व्यापारियों को भी फायदा होगा. सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी. जब सामान बनाने की लागत घटेगी तो इससे सामान सस्ता भी हो

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सिर्फ 3 तरह के Taxes रहेंगे-

जीएसटी लागू होने के बाद Goods And Services पर केवल तीन तरह के Tax वसूले जाएंगे. पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी, जो केंद्र सरकार वसूलेगी. दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी, जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी. तीसरा होगा वह जो कोई कारोबार अगर दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी वसूला जाएगा. इसे केंद्र सरकार वसूल करेगी और उसे दोनों राज्यों में समान अनुपात में बांट दिया जाएगा

किसको होगा नुकसान?

जीएसटी लागू होने से केंद्र को तो फायदा होगा लेकिन राज्यों को इस बात का डर था कि इससे उन्हें नुकसान होगा क्योंकि इसके बाद वे कई तरह के टैक्स नहीं वसूले पाएंगे जिससे उनकी कमाई कम हो जाएगी. गौरतलब है कि पेट्रोल व डीजल से तो कई राज्यों का आधा बजट चलता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने राज्यों को राहत देते हुए मंजूरी दे दी है कि वे इन वस्तुओं पर शुरुआती सालों में टैक्स लेते रहें. राज्यों का जो भी नुकसान होगा, केंद्र उसकी भरपाई पांच साल तक करेगा.

ये चीजे होंगी महंगी और सस्ती –

ज़ीरो फ़ीसदी (जिन पर नहीं लगेगा टैक्स)

दूध, अनाज, फल, नमक, चावल, पापड़, रोटी, जानवरों का चारा, किताबें, जलावन की लकड़ी और चूड़ियां (ग़ैर कीमती)

इन पर लगेगा 5 फ़ीसदी टैक्स

  • चाय, कॉफ़ी
  • खाने का तेल
  • ब्रांडेड अनाज
  • सोयाबीन, सूरजमुखी के बीज
  • ब्रांडेड पनीर
  • कोयला (400 रुपये प्रति टन लेवी के साथ)
  • केरोसीन
  • घरेलू उपभोग के लिए एलपीजी
  • ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट
  • ज्योमेट्री बॉक्स
  • कृत्रिम किडनी
  • हैंड पंप

इन पर लगेगा 12 फ़ीसदी टैक्स

  • ड्राई फ्रूट्स
  • घी, मक्खन
  • नमकीन
  • मांस-मछली
  • दूध से बने ड्रिंक्स
  • फ़्रोज़ेन मीट
  • बायो गैस
  • मोमबत्ती
  • एनेस्थेटिक्स
  • अगरबत्ती
  • दंत मंजन पाउडर
  • चश्मे के लेंस
  • बच्चों की ड्रॉइंग बुक
  • कैलेंडर्स
  • एलपीजी स्टोव
  • नट, बोल्ट, पेंच
  • ट्रैक्टर
  • साइकल
  • एलईडी लाइट
  • खेल का सामान
  • आर्ट वर्क

इन पर लगेगा 18 फ़ीसदी टैक्स

  • रिफाइंड शुगर
  • कंडेंस्ड मिल्क
  • प्रिजर्व्ड सब्ज़ियां
  • बालों का तेल
  • साबुन
  • हेलमेट
  • नोटबुक
  • जैम, जेली
  • सॉस, सूप, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड मिक्सेस
  • मिनरल वॉटर
  • पेट्रोलियम जेली, पेट्रोलियम कोक

इन पर लगेगा 28 फ़ीसदी टैक्स

  • मोटर कार
  • मोटर साइकल
  • चॉकलेट, कोकोआ बटर, फैट्स, ऑयल
  • पान मसाला
  • फ़्रिज़
  • परफ़्यूम, डियोड्रेंट
  • मेकअप का सामान
  • वॉल पुट्टी
  • दीवार के पेंट
  • टूथपेस्ट
  • शेविंग क्रीम
  • आफ़्टर शेव
  • लिक्विड सोप
  • प्लास्टिक प्रोडक्ट
  • रबर टायर
  • चमड़े के बैग
  • मार्बल, ग्रेनाइट, प्लास्टर, माइका
  • टेम्पर्ड ग्लास
  • रेज़र
  • डिश वॉशिंग मशीन
  • पियानो
  • रिवॉल्वर

Sources- NDTV , AAJ TAK and BBC

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